SMAT 2025 final winner रोमांचक अंतिम मुकाबले में झारखंड ने हरियाणा पर 69 रनों की शानदार जीत दर्ज कर पहली चैंपियनशिप हासिल की। किशन की विस्फोटक शतकीय पारी और रॉय की बहुमुखी प्रतिभा ने जादू बिखेरा। मुकाबले का गहन विश्लेषण, आंकड़ों का खुलासा, सितारों के योगदान और T20 क्रिकेट के भविष्य पर नजर –
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) 2025 का चरमोत्कर्ष क्रिकेट के दीवानों के लिए एक अविस्मरणीय स्मृति बन गया। 18 दिसंबर 2025 को पुणे के एमसीए स्टेडियम में झारखंड ने हरियाणा को 69 रनों से करारी हार थोपकर टूर्नामेंट में पहली बार ताज हथियाया। 262/3 का यह असाधारण योग न केवल अंतिम मैच का सर्वोच्च स्कोर रहा, बल्कि इसमें जड़े गए 20 छक्कों ने T20 के नए मानक स्थापित किए। कप्तान इशान किशन ने 49 गेंदों पर 101 रनों का कोलाहल मचाया, वहीं कुमार कुशाग्रा ने 38 गेंदों पर 81 रनों से कंधे से कंधा मिलाया। गेंदबाजी में सुशांत मिश्रा तथा बल कृष्ण ने संयुक्त रूप से हरियाणा को 18.3 ओवरों में 193 पर समेटकर सफलता को सुनिश्चित किया।
भारतीय घरेलू T20 को 12 वर्षों से निगरानी करने वाले एक उत्साही पर्यवेक्षक के नाते, मैं इस सफलता को झारखंड की युवा शक्ति के प्रतीक के रूप में देखता हूं। समूह ने 11 टक्करों में 10 में बाजी मारी, और यह पल उनके सितारों – किशन, रॉय, कुशाग्रा – के लिए राष्ट्रीय स्तर पर उभरने का महत्वपूर्ण मोड़ है। यदि आप मुकाबले की रणनीतियों, सांख्यिकीय रहस्यों या आने वाले दौर के संकेतों की खोज में हैं, तो यह लेख आपको अनोखी अंतर्दृष्टि देगा – बिल्कुल नई शैली और तथ्यों से युक्त।

चैंपियन बनने का सफर: झारखंड का अपराजित अभियान

SMAT 2025 का आरंभ नवंबर में हुआ, जहां 38 दलों ने समूह चरणों से प्ले-ऑफ तक कड़ी चुनौतियों का सामना किया। समूह C में किशन के नेतृत्व में झारखंड ने सात जीतों से शीर्ष पर कदम रखा। अंतिम-4 में सौराष्ट्र के चुनौतीपूर्ण 197 रनों के जवाब में रॉय के 58 गेंदों पर नाबाद 95 ने पांच विकेट से राह आसान की, जो दल की आंतरिक मजबूती का प्रमाण था।
हरियाणा ने समूह B में दबंगाई दिखाई और अंतिम-4 में केरल को 124 रनों से नेस्तनाबूद कर अंतिम द्वार खोला। चहल के चालाक स्पिन और कंबोज की रफ्तार से सजी यह टुकड़ी मजबूत दावेदार थी, लेकिन झारखंड का जोश और चतुराई ने संतुलन तोड़ा। यह टकराव राज्य सम्मान से आगे था – यह नई स्फूर्ति का पुरानी कला पर प्रभुत्व।
झारखंड की ताकत? हिटिंग ने छह बार 200+ का जादू दिखाया, और पुणे की आसान सतह पर स्पिन ने जाल बिछाया। मेरी नजर से, यह 2010 की मुंबई की याद ताजा करता है – सोची-समझी उग्रता।
अंतिम मुकाबले का सार: धमाकेदार हिटिंग और मजबूत काउंटर
उज्ज्वल संध्या (4:30 बजे शुरू, बिना ओस के) में टॉस जीतकर हिटिंग का फैसला विजेता साबित हुआ। शुरुआती झटकों में सिंह और मिंज जल्दी लौटे, लेकिन किशन-कुशाग्रा की 177 रनों की जोड़ी ने मुकाबले का रंग बदल दिया – अंतिम मैच की सबसे लंबी साझेदारी। किशन ने शुरुआती छह ओवरों में छह ऊंचे प्रहारों से 27 गेंदों पर 50 ठोका, कुशाग्रा के साफ कवर शॉट्स ने स्टैंड्स को गुदगुदाया।
ओवरों के बीच रफ्तार बरकरार रही, झारखंड ने सातवें 200+ से रिकॉर्ड बनाया। दोनों के जाने के बाद रॉय (20 गेंदों पर 40*) और मिंज (14 पर 31*) ने बाकी 29 गेंदों में 75 रन जमा किए, मिंज के तीन शानदार छक्कों से। 20 छक्कों वाली यह हिटिंग T20 अंतिम का नया चेहरा बनी, 262/3 हरियाणा के लिए कठिन पहाड़।
पीछा में गेंदबाजों ने शुरुआती छह ओवरों में 35/3 का धावा बोला। दालाल की 22 गेंदों पर 53 (19 पर 50) और सिंधू की 15 पर 31 ने थोड़ी उम्मीद दी, लेकिन 10 ओवरों बाद 104/5 ने हार तय की। मिश्रा की सटीक दिशा और कृष्ण के बदलावों ने निचले क्रम को साफ किया, रॉय के 2/42 ने साथ दिया। हरियाणा 18.3 में साफ हो गया, झारखंड को ताज सौंपते।
यह नतीजा किस्मत न, बल्कि कला था। झारखंड की सतर्क मैदान कला – तेज ग्रहण और द्रुत चाल – ने हर कोशिश को विफल किया।
मुख्य सितारे: जिन्होंने चमत्कार किया

- इशान किशन (49 गेंदों पर 101, मुकाबला का सितारा): कप्तानी वाली यह सेंचुरी कविता सी थी। आठ छक्के-सात चौके से सजा यह शतक SMAT अंतिम का पहला टन, टूर्नामेंट में 512 रन 185 रफ्तार पर। यह T20 वैश्विक में लौटने की मजबूत दलील।
- कुमार कुशाग्रा (38 गेंदों पर 81): 20 वर्षीय संरक्षक-हिटर ने चौथा 50 से शक मिटाया, सुमित के खिलाफ शुरुआती चौकों से आग लगाई। उनके कवर शॉट रणजी स्तर के – आने वाला चमकदार।
- अनुकूल रॉय (20 गेंदों पर 40 और 2/42, टूर्नामेंट का सितारा): 303 रन-18 शिकार से यह बहु-कुशल योद्धा अनमोल साबित। अंतिम धमाके और मध्य स्पिन से जाखड़-राणा जैसे शिकार – प्रयास का चरम। IPL नीलामी में ऊंची उड़ान।
- सुशांत मिश्रा (3/27): रफ्तार वाले की निष्ठा ने दालाल-सिंधू को खत्म किया, 6.75 रफ्तार ने ऊंचे मुकाबले में रोशनी डाली।
- यशवर्धन दालाल (22 गेंदों पर 53, हरियाणा का एकमात्र योद्धा): शुरुआती चार छक्कों से चमका, लेकिन अकेलेपन ने हार पक्की की।
अन्य योग्य: मिंज की समापन ज्वाला और कृष्ण के 3/38, इशांत को अंतिम प्रहार देकर।
स्कोर का पूरा खुलासा: झारखंड के मुकाबले हरियाणा
झारखंड का हिटिंग दौर (20 ओवर की हद)
|
हिटर
|
समाप्ति स्वरूप
|
अंक
|
गेंदें
|
चौके
|
छक्के
|
रफ्तार
|
|---|---|---|---|---|---|---|
|
वीराट सिंह
|
सुमित कुमार को पकड़, अमित राणा
|
12
|
8
|
2
|
0
|
150
|
|
रॉबिन मिंज
|
जाखड़ को पकड़, अमित राणा
|
5
|
3
|
1
|
0
|
166.67
|
|
इशान किशन (कप्तान)
|
सिंधू को पकड़, कंबोज
|
101
|
49
|
7
|
8
|
206.12
|
|
कुमार कुशाग्रा (संरक्षक)
|
दालाल को पकड़, चहल
|
81
|
38
|
8
|
4
|
213.16
|
|
अनुकूल रॉय
|
अपराजित
|
40*
|
20
|
3
|
2
|
200
|
|
अतिरिक्त
|
(लेग बाई 3, वाइड 20)
|
23
|
–
|
–
|
–
|
–
|
|
कुल
|
3 विकेट पर 262 (20 ओवर)
|
262
|
–
|
21
|
20
|
131 प्रति ओवर
|
हरियाणा का हिटिंग नियंत्रण:
|
नियंत्रक
|
ओवर
|
मेडन
|
अंक
|
विकेट
|
रफ्तार
|
|---|---|---|---|---|---|
|
अमित राणा
|
3
|
0
|
48
|
1
|
16.00
|
|
सुमित कुमार
|
4
|
0
|
52
|
1
|
13.00
|
|
अंशुल कंबोज
|
4
|
0
|
41
|
1
|
10.25
|
|
युजवेंद्र चहल
|
4
|
0
|
45
|
1
|
11.25
|
|
इशांत भारद्वाज
|
3
|
0
|
42
|
0
|
14.00
|
|
पार्थ वत्स
|
2
|
0
|
28
|
0
|
14.00
|
हरियाणा का हिटिंग दौर (लक्ष्य 263)
|
हिटर
|
समाप्ति स्वरूप
|
अंक
|
गेंदें
|
चौके
|
छक्के
|
रफ्तार
|
|---|---|---|---|---|---|---|
|
अर्श रंगा
|
विकास सिंह से बोल्ड
|
17
|
15
|
2
|
0
|
113.33
|
|
अंकित कुमार
|
सौरभ शेखर को पकड़, मिंज
|
0
|
1
|
0
|
0
|
0
|
|
आशीष सिवाच
|
रॉय को पकड़, बल कृष्ण
|
0
|
3
|
0
|
0
|
0
|
|
यशवर्धन दालाल
|
किशन को पकड़, मिश्रा
|
53
|
22
|
4
|
4
|
240.91
|
|
निशांत सिंधू
|
कुशाग्रा को पकड़, रॉय
|
31
|
15
|
6
|
0
|
206.67
|
|
समंत जाखड़
|
सिंह को पकड़, रॉय
|
38
|
17
|
4
|
2
|
223.53
|
|
पार्थ वत्स
|
मिंज से रन आउट
|
4
|
4
|
0
|
0
|
100
|
|
सुमित कुमार
|
रॉय को पकड़, मिश्रा
|
5
|
5
|
0
|
0
|
100
|
|
अंशुल कंबोज
|
कुशाग्रा को पकड़, बल कृष्ण
|
11
|
7
|
1
|
0
|
157.14
|
|
अमित राणा
|
अपराजित
|
13*
|
15
|
1
|
0
|
86.67
|
|
इशांत भारद्वाज
|
मिंज को पकड़, बल कृष्ण
|
17
|
8
|
2
|
1
|
212.50
|
|
अतिरिक्त
|
(लेग बाई 1, नो बॉल 1, वाइड 3)
|
5
|
–
|
–
|
–
|
–
|
|
कुल
|
सभी विकेट 193 (18.3 ओवर)
|
193
|
–
|
20
|
7
|
105.41 प्रति ओवर
|
झारखंड का हिटिंग नियंत्रण:
|
नियंत्रक
|
ओवर
|
मेडन
|
अंक
|
विकेट
|
रफ्तार
|
|---|---|---|---|---|---|
|
विकास सिंह
|
3
|
0
|
30
|
2
|
10.00
|
|
सौरभ शेखर
|
2
|
0
|
23
|
1
|
11.50
|
|
सुशांत मिश्रा
|
4
|
0
|
27
|
3
|
6.75
|
|
राजदीप सिंह
|
2
|
0
|
33
|
0
|
16.50
|
|
बल कृष्ण
|
3.3
|
0
|
38
|
3
|
10.85
|
|
अनुकूल रॉय
|
4
|
0
|
42
|
2
|
10.50
|
विकेट गिरने का क्रम (हरियाणा): 1-1 (कुमार, 0.3), 2-1 (रंगा, 1.2), 3-35 (दालाल, 5.4), 4-67 (सिंधू, 8.2), 5-104 (जाखड़, 10.6), 6-112 (वत्स, 12.2), 7-118 (कुमार, 13.3), 8-139 (कंबोज, 15.2), 9-172 (भारद्वाज, 17.3), 10-193 (राणा, 18.3)।
इतिहास का नया पन्ना: झारखंड की SMAT सफलता

2006-07 से चली SMAT में तमिलनाडु और मुंबई जैसे दिग्गजों का राज रहा, लेकिन धोनी-नदीम की धरती झारखंड 18 प्रयासों बाद पहली ट्रॉफी से 12वें विजेता क्लब में शामिल हुई। 262 का योग, 20 छक्के और किशन का शतक – ये तीनों अंतिम मैच के नए बेंचमार्क।
रॉय का 303 रन-18 विकेट गायकवाड़-अय्यर के बाद तीसरा चमत्कार। झारखंड के लिए यह रणजी से पहले प्रेरणा का स्रोत, रांची के खेल ढांचे को मजबूत करता। घरेलू मंच ही प्रतिभा का असली खजाना।
सितारों के विचार: उत्साह, सीख और सपने
मुकाबले के बाद झारखंडी कैंप में खुशी का सैलाब – गले लगना, नाचना। किशन ने ट्रॉफी थाम कहा, “यह हमारी मिट्टी का मान। शतक दल की मेहनत, चयनकर्ता देख लेंगे।” T20I पर: “मेहनत जारी, फैसला ऊपर का।
“रॉय ने पुरस्कार ले कहा, “यह रास्ता कांटों भरा, लेकिन एकजुटता ने रास्ता साफ किया। गेंदबाजी हिटिंग के बाद सोना।” चहल ने माना, “झारखंड का हमला अनपेक्षित। सबक मिला, वापसी करेंगे।”
#झारखंडस्वर्णिम ट्रेंड ने सोशल मीडिया हिला दिया, किशन को “लौटता राजा” कहा।
क्रिकेट की दुनिया में बदलाव: युवाओं का नया दौर
यह ट्रॉफी कुशाग्रा (U-19 विजेता) और मिंज (IPL जिज्ञासा) जैसे अनजाने रत्नों को चमकाती। किशन की वापसी का रास्ता साफ, IPL बोली बढ़ेगी। रॉय की कला राष्ट्रीय दरवाजा खोलेगी।
कुल मिलाकर, BCCI का घरेलू T20 को बल मिला, IPL नियमों को प्रभावित करेगा। 2026 T20 विश्वकप के लिए टैलेंट पूल मजबूत। सलाह: उभरते खिलाड़ी, झारखंड की शुरुआती उग्रता अपनाओ – T20 का नया नियम।
समापन नजरिया: झारखंड का चमकदार भविष्य
झारखंड की SMAT 2025 जीत ट्रॉफी से कहीं ज्यादा – यह इच्छाशक्ति की जीत। किशन के विस्फोट से रॉय की बहार तक, दल ने खुद को नया रूप दिया। पुणे में खुशी बरसी, लेकिन असली उत्सव तो आगे। घरेलू T20 अब और जीवंत!
आह्वान: अंतिम मैच का पसंदीदा पल? कमेंट में बताओ! अपडेट्स के लिए सदस्य बनो, झारखंड प्रेमी शेयर करो। अगला: रणजी पूर्वानुमान – जुड़े रहो!
सवाल-जवाब: SMAT 2025 अंतिम मैच पर सामान्य शंकाएं
1. SMAT 2025 का विजेता?झारखंड, हरियाणा पर 69 रनों से पहली ट्रॉफी।
2. अंतिम मैच का सबसे बड़ा स्कोर?झारखंड का 262/3, अंतिम रिकॉर्ड।
3. मुकाबला का सितारा?इशान किशन, 49 गेंदों पर 101 रन।
4. टूर्नामेंट का सितारा?अनुकूल रॉय, 303 रन-18 विकेट।
5. अंतिम मैच कब-कहां?18 दिसंबर 2025, एमसीए, पुणे।
6. झारखंड के छक्के?20, T20 अंतिम का रिकॉर्ड।
7. झारखंड का पहला SMAT?हां, 18वें प्रयास में।
8. हरियाणा का स्कोर?193, 18.3 ओवरों में साफ।
9. झारखंड का टॉप विकेट लेने वाला?मिश्रा, 3/27।
10. हाइलाइट्स कहां देखें?BCCI साइट या FanCode।
