नई दिल्ली | 16 फरवरी 2026: यदि 2023 ‘चैटबॉट्स’ का साल था और 2024 ‘वीडियो जनरेशन’ का, तो 2026 निर्विवाद रूप से ‘एजेंटिक एआई’ (Agentic AI) का साल घोषित हो चुका है। आज हम उस दौर में खड़े हैं जहाँ AI(Agentic AI 2026) केवल हमारे सवालों के जवाब नहीं दे रहा, बल्कि वह स्वायत्त रूप से (Autonomously) जटिल कार्यों को पूरा कर रहा है।
हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में नीति आयोग ने स्पष्ट किया कि भारत की आईटी और सर्विस इंडस्ट्री अब एक “लेबर-इंटेंसिव” मॉडल से हटकर “एजेंट-नेटिव” मॉडल की ओर बढ़ रही है। विशेषज्ञ इसे ‘फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन’ का सबसे महत्वपूर्ण चरण मान रहे हैं।
क्या है एजेंटिक एआई? (Defining Agentic AI in 2026)
एजेंटिक एआई, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वह उन्नत स्तर है जहाँ एआई मॉडल न केवल जानकारी प्रदान करता है, बल्कि स्वतंत्र रूप से निर्णय लेता है और कार्यों को अंजाम देता है। इसे ‘एजेंसी’ कहा जाता है—यानी एआई के पास अब अपना एक ‘लक्ष्य’ होता है और वह उस लक्ष्य तक पहुँचने के लिए खुद रास्ते बनाता है।
जनरेटिव एआई बनाम एजेंटिक एआई: एक तुलनात्मक तालिका
| विशेषता | जनरेटिव एआई (2023-24) | एजेंटिक एआई (2026) |
| मुख्य कार्य | कंटेंट (Text/Image) बनाना | कार्यों को पूरा (Execution) करना |
| मानवीय हस्तक्षेप | हर कदम पर ‘प्रॉम्प्ट’ की जरूरत | केवल ‘लक्ष्य’ देने की जरूरत |
| निर्णय क्षमता | सीमित (केवल सुझाव) | उच्च (स्वायत्त निर्णय) |
| टूल्स का उपयोग | नहीं (केवल डेटा तक सीमित) | हाँ (CRM, ईमेल, ब्राउज़र का उपयोग) |
| प्रकृति | रिएक्टिव (पूछने पर बताना) | प्रोएक्टिव (खुद से काम शुरू करना) |
एजेंटिक एआई कैसे काम करता है? चार मुख्य स्तंभ

2026 के आधुनिक एआई एजेंट्स (जैसे OpenAI का ‘Operator’ या Anthropic का ‘Claude Agent’) चार बुनियादी प्रक्रियाओं पर काम करते हैं:
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प्लानिंग (Reasoning & Planning): जटिल काम को छोटे-छोटे चरणों में विभाजित करना।
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मेमोरी (Memory): पिछले कार्यों और यूजर की पसंद को याद रखना ताकि अगली बार बेहतर निर्णय ले सके।
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टूल उपयोग (Tool Use): बाहरी सॉफ्टवेयर (जैसे एक्सेल, गूगल ड्राइव, या कंपनी के इंटरनल डैशबोर्ड) का इस्तेमाल करना।
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रिफ्लेक्शन (Self-Correction): अपने काम की समीक्षा करना और गलती होने पर उसे खुद ठीक करना।
प्रमुख क्षेत्रों में क्रांति: 2026 की ज़मीनी हकीकत
1. बैंकिंग और फाइनेंस: ‘ऑटोनॉमस बैंकिंग’ का उदय
3 फरवरी 2026 को ऑरेकल (Oracle) द्वारा लॉन्च किए गए ‘एजेंटिक बैंकिंग प्लेटफॉर्म’ ने इस क्षेत्र की परिभाषा बदल दी है। अब बैंक केवल डिजिटल नहीं रहे, वे स्वायत्त हो गए हैं।
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लोन अप्रूवल: जहाँ पहले लोन प्रक्रिया में हफ़्तों लगते थे, अब एआई एजेंट्स रियल-टाइम में केवाईसी (KYC), क्रेडिट स्कोरिंग और टैक्स रिकॉर्ड्स की जांच कर कुछ ही मिनटों में लोन स्वीकृत कर रहे हैं।
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फ्रॉड डिटेक्शन: एजेंटिक एआई अब केवल अलर्ट नहीं भेजता, बल्कि संदिग्ध लेनदेन दिखने पर उसे तुरंत रोक देता है और संबंधित विभागों को रिपोर्ट भी भेज देता है।
2. हेल्थकेयर: प्रोएक्टिव केयर की शुरुआत
स्वास्थ्य के क्षेत्र में Codiant और Waystar जैसी कंपनियों की रिपोर्ट्स बताती हैं कि एआई एजेंट्स ने बीमा दावों (Insurance Denials) में होने वाले $15.5 बिलियन के नुकसान को केवल एक साल में रोका है।
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केयर कोआर्डिनेशन: एआई एजेंट्स अब मरीजों के फॉलो-अप अपॉइंटमेंट खुद शेड्यूल करते हैं और उनकी दवाइयों की आपूर्ति की निगरानी करते हैं।
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प्रायर ऑथराइजेशन: डॉक्टरों का 40% समय जो पहले कागजी कार्रवाई में बर्बाद होता था, अब एआई एजेंट्स द्वारा स्वायत्त रूप से संभाला जा रहा है।
3. आईटी और कोडिंग: ‘डेविन’ और उसके साथियों का राज
कोग्निशन लैब्स का ‘Devin AI’ अब दुनिया का पहला स्वायत्त सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन चुका है। 2026 में, एआई एजेंट्स केवल कोड के टुकड़े नहीं लिखते, बल्कि पूरे के पूरे एप्लिकेशन स्क्रैच से बनाते हैं, उन्हें टेस्ट करते हैं और क्लाउड पर डिप्लॉय भी करते हैं।
भारतीय बाजार और रोजगार पर प्रभाव: क्वेस कॉर्प (Quess Corp) की रिपोर्ट
जनवरी 2026 में जारी क्वेस कॉर्प की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एजेंटिक एआई की मांग में 35-40% की वार्षिक वृद्धि देखी जा रही है।
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मार्केट साइज़: भारत का एजेंटिक एआई बाजार जो 2024 में केवल $276 मिलियन था, 2030 तक $3.5 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान है।
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जॉब मार्केट: रिपोर्ट के अनुसार, सॉफ्टवेयर डेवलपर और डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर जैसे रोल खत्म नहीं हो रहे, बल्कि वे “एजेंट कोऑर्डिनेटर” और “सिस्टम आर्किटेक्ट” में बदल रहे हैं।
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सैलरी प्रीमियम: एजेंटिक एआई और एआई-सेफ्टी विशेषज्ञों को सामान्य आईटी प्रोफेशनल्स के मुकाबले 20% से 28% अधिक वेतन मिल रहा है।
विशेषज्ञ की राय: “भारत का एआई वर्कफ़ोर्स अब एक ऐसे चरण में प्रवेश कर रहा है जहाँ जिम्मेदारी, विश्वास और दीर्घकालिक मूल्य निर्माण (Value Creation) सबसे महत्वपूर्ण हैं।” — कपिल जोशी, सीईओ, आईटी स्टाफिंग (क्वेस कॉर्प)।
2026 के टॉप एजेंटिक एआई टूल्स और कंपनियां
| टूल/प्लेटफॉर्म | कंपनी | मुख्य विशेषता |
| Operator (ChatGPT Agent) | OpenAI | कंप्यूटर यूज और स्वायत्त ब्राउजिंग क्षमता। |
| AutoGen | Microsoft | मल्टी-एजेंट कोलाबोरेशन (एक साथ कई एजेंट्स का काम)। |
| Claude for Enterprise | Anthropic | नैतिक और सुरक्षित एआई फ्रेमवर्क के साथ टास्क निष्पादन। |
| Devin | Cognition Labs | स्वायत्त सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और बग फिक्सिंग। |
| Agentforce 360 | Salesforce | सीआरएम (CRM) और सेल्स प्रोसेस का पूर्ण स्वचालन। |
चुनौतियां और नैतिकता: क्या एआई को इतनी आजादी देना सुरक्षित है?
जैसे-जैसे हम स्वायत्तता की ओर बढ़ रहे हैं, चुनौतियां भी गंभीर होती जा रही हैं:
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डेटा प्राइवेसी: एआई एजेंट्स को काम करने के लिए हमारे निजी डेटा और क्रेडेंशियल्स की जरूरत होती है। इसकी सुरक्षा एक बड़ा सवाल है।
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जवाबदेही (Accountability): यदि कोई एआई एजेंट वित्तीय बाजार में गलत ट्रेड करता है, तो जिम्मेदार कौन होगा? डेवलपर, कंपनी या खुद एआई?
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ह्यूमन-इन-द-लूप: 2026 के अंत तक, सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि महत्वपूर्ण निर्णयों में अंतिम मुहर हमेशा इंसान की ही हो।
भविष्यवाणी: 2026 के बाद क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 तक ‘मल्टी-एजेंट इकोसिस्टम’ मानक बन जाएगा। इसका मतलब है कि आपके पास एक एआई एजेंट नहीं होगा, बल्कि आपके लिए काम करने वाले एआई एजेंट्स की एक पूरी ‘टीम’ होगी। एक सेल्स एजेंट होगा, एक मार्केटिंग एजेंट होगा और एक फाइनेंस एजेंट—जो आपस में बात करके आपका पूरा बिजनेस चलाएंगे।
अंत में: बदलाव के लिए तैयार रहें
एजेंटिक एआई 2026 (Agentic AI 2026) केवल एक तकनीकी प्रगति नहीं है, बल्कि यह हमारे काम करने के तरीके में एक मौलिक बदलाव है। यह तकनीक उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो इसे एक ‘सहयोगी’ (Collaborator) के रूप में अपनाएंगे।
दैनिक जागरण टेक डेस्क की सलाह है कि आप अपनी स्किल्स को अपग्रेड करें। अब केवल ‘कोडिंग’ जानना काफी नहीं है, ‘एआई एजेंट्स को मैनेज’ करना सीखना ही भविष्य की असली स्किल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: क्या एजेंटिक एआई मेरी नौकरी छीन लेगा?
उत्तर: नहीं, यह आपकी नौकरी के स्वरूप को बदल देगा। यह उन दोहराव वाले कार्यों (Repetitive Tasks) को खत्म कर देगा जिन्हें आप नापसंद करते हैं, जिससे आपको रचनात्मक और रणनीतिक निर्णयों के लिए अधिक समय मिलेगा।
Q2: एजेंटिक एआई और सामान्य एआई में क्या अंतर है?
उत्तर: सामान्य एआई (जैसे चैटजीपीटी 2023 वाला संस्करण) केवल सलाह देता था, जबकि एजेंटिक एआई उस सलाह पर खुद अमल करता है और काम पूरा करता है।
Q3: भारत में एजेंटिक एआई के लिए कौन से शहर प्रमुख केंद्र हैं?
उत्तर: बेंगलुरु और हैदराबाद वर्तमान में 62% एआई हायरिंग की मांग को पूरा कर रहे हैं, इसके बाद पुणे और एनसीआर का स्थान है।
Q4: क्या एआई एजेंट्स का उपयोग महंगा है?
उत्तर: हाँ, वर्तमान में बड़े उद्यमों के लिए इनका कार्यान्वयन $1 मिलियन तक जा सकता है, लेकिन मध्यम उद्योगों के लिए $50,000 से छोटे एजेंट्स उपलब्ध होने लगे हैं।
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